क्या धूप बच्चों के लिए अच्छी है?HealthPlanet

Posted on Tue 18th Oct 2022 : 09:27

सर्दियों के मौसम में नवजात बच्चों को गुनगुनी धूप में रखने से उन्हें विटामिन डी मिलता है और उन्हें काफी फायदा पहुंचता है।

छोटे बच्चों के लिए धूप के 7 फायदे

छोटे बच्चों को धूप में रखना का सही वक्त जानने के बाद बच्चों के लिए धूप के फायदों के बारे में पता होना भी जरूरी है। आगे हम विस्तार से छोटे बच्चों के लिए धूप के फायदे बता रहे हैं, जो कुछ इस प्रकार हैं :

विटामिन डी – शिशु के लिए धूप के फायदे में सबसे पहले विटामिन डी आता है। बच्चों में विटामिन डी की कमी से उन्हें कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में धूप से बच्चे के शरीर को पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी मिलता है। धूप से शरीर में विटामिन डी का स्तर संतुलित बना रहता है (3)।

हड्डियों के लिए – धूप से बच्चों की हड्डियां भी मजबूत हो सकती हैं। धूप से मिलने वाला विटामिन डी शरीर में कैल्शियम को अवशोषित करने में मदद करता है। जब शरीर में कैल्शियम अवशोषित होता है, तो हड्डियां को इसकी पर्याप्त मात्रा मिलती है और हड्डियां मजबूत होती हैं। साथ ही विटामिन डी बच्चों में रिकेट्स यानी हड्डियां का जरूरत से ज्यादा नरम और काफी कमजोर होने की समस्या से भी बचा सकता है। यह बीमारी विटामिन डी की कमी की वजह से होती है (3)।

मधुमेह के जोखिम से बचाव – धूप से बच्चों में मधुमेह का जोखिम भी कम हो सकता है। एक स्टडी के अनुसार, प्रारंभिक जीवनकाल में पर्याप्त विटामिन डी लेने से टाइप 1 मधुमेह से बचाव हो सकता है। इतना ही नहीं, सूर्य की रोशनी से मिलने वाले विटामिन डी से मेटाबॉलिक सिंड्रोम की स्थिति के कारण होने वाली बीमारियां जैसे – हृदय रोग, टाइप 2 मधुमेह के रिस्क से भी बचा जा सकता है (6)। फिलहाल, इस संबंध में अभी और वैज्ञानिक शोध की आवश्यकता है।

जॉन्डिस के लिए – नवजात को जन्म के कुछ समय तक जॉन्डिस होना सामान्य है (7)। अगर उसके बाद भी नवजात शिशु का पीलिया ठीक न हो, तो माना जाता है कि सूरज की रोशनी मदद कर सकती है। हालांकि, पीलिया से ग्रसित बच्चों को सूर्य के रौशनी के जगह पर बेहतर डॉक्टरी इलाज करना अच्छा विकल्प है (8)। अभी स्पष्ट रूप से कह पाना संभव नहीं है कि जॉन्डिस से बचाव में सूर्य की रोशनी की किस तरह की भूमिका हो सकती है।

मस्तिष्क के लिए – सूर्य की रोशनी शिशुओं के मस्तिष्क के लिए भी लाभकारी होती है। इससे मस्तिष्क में सेरोटोनर्जिक गतिविधि बढ़ती है। अगर शरीर में सेरोटोनिन हॉर्मोन व सेरोटोनर्जिक गतिविधि में कमी हो जाए, तो शिशु की जान को खतरा (Sudden Infant Death Syndrome) भी हो सकता है (9)। इसी वजह से सूरज की किरणों को मस्तिष्क के लिए फायदेमंद माना जाता है। इससे शरीर में सेरोटोनिन यानी मूड को नियंत्रित करने वाला हॉर्मोन के उत्पादन में मदद मिल सकती है, जिससे सेरोटोनर्जिक गतिविधि बढ़ती है (10)।

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