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सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के मौसम में नवजात बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥€ धूप में रखने से उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ विटामिन डी मिलता है और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ काफी फायदा पहà¥à¤‚चता है।
छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठधूप के 7 फायदे
छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को धूप में रखना का सही वकà¥à¤¤ जानने के बाद बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठधूप के फायदों के बारे में पता होना à¤à¥€ जरूरी है। आगे हम विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठधूप के फायदे बता रहे हैं, जो कà¥à¤› इस पà¥à¤°à¤•ार हैं :
विटामिन डी – शिशॠके लिठधूप के फायदे में सबसे पहले विटामिन डी आता है। बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में विटामिन डी की कमी से उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कई सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती हैं। à¤à¤¸à¥‡ में धूप से बचà¥à¤šà¥‡ के शरीर को परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में विटामिन डी मिलता है। धूप से शरीर में विटामिन डी का सà¥à¤¤à¤° संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ बना रहता है (3)।
हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के लिठ– धूप से बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ à¤à¥€ मजबूत हो सकती हैं। धूप से मिलने वाला विटामिन डी शरीर में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® को अवशोषित करने में मदद करता है। जब शरीर में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® अवशोषित होता है, तो हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ को इसकी परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ मिलती है और हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ मजबूत होती हैं। साथ ही विटामिन डी बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में रिकेटà¥à¤¸ यानी हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ का जरूरत से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नरम और काफी कमजोर होने की समसà¥à¤¯à¤¾ से à¤à¥€ बचा सकता है। यह बीमारी विटामिन डी की कमी की वजह से होती है (3)।
मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ के जोखिम से बचाव – धूप से बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ का जोखिम à¤à¥€ कम हो सकता है। à¤à¤• सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• जीवनकाल में परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ विटामिन डी लेने से टाइप 1 मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ से बचाव हो सकता है। इतना ही नहीं, सूरà¥à¤¯ की रोशनी से मिलने वाले विटामिन डी से मेटाबॉलिक सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के कारण होने वाली बीमारियां जैसे – हृदय रोग, टाइप 2 मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ के रिसà¥à¤• से à¤à¥€ बचा जा सकता है (6)। फिलहाल, इस संबंध में अà¤à¥€ और वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• शोध की आवशà¥à¤¯à¤•ता है।
जॉनà¥à¤¡à¤¿à¤¸ के लिठ– नवजात को जनà¥à¤® के कà¥à¤› समय तक जॉनà¥à¤¡à¤¿à¤¸ होना सामानà¥à¤¯ है (7)। अगर उसके बाद à¤à¥€ नवजात शिशॠका पीलिया ठीक न हो, तो माना जाता है कि सूरज की रोशनी मदद कर सकती है। हालांकि, पीलिया से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को सूरà¥à¤¯ के रौशनी के जगह पर बेहतर डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ इलाज करना अचà¥à¤›à¤¾ विकलà¥à¤ª है (8)। अà¤à¥€ सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ रूप से कह पाना संà¤à¤µ नहीं है कि जॉनà¥à¤¡à¤¿à¤¸ से बचाव में सूरà¥à¤¯ की रोशनी की किस तरह की à¤à¥‚मिका हो सकती है।
मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के लिठ– सूरà¥à¤¯ की रोशनी शिशà¥à¤“ं के मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के लिठà¤à¥€ लाà¤à¤•ारी होती है। इससे मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में सेरोटोनरà¥à¤œà¤¿à¤• गतिविधि बढ़ती है। अगर शरीर में सेरोटोनिन हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ व सेरोटोनरà¥à¤œà¤¿à¤• गतिविधि में कमी हो जाà¤, तो शिशॠकी जान को खतरा (Sudden Infant Death Syndrome) à¤à¥€ हो सकता है (9)। इसी वजह से सूरज की किरणों को मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के लिठफायदेमंद माना जाता है। इससे शरीर में सेरोटोनिन यानी मूड को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने वाला हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ के उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ में मदद मिल सकती है, जिससे सेरोटोनरà¥à¤œà¤¿à¤• गतिविधि बढ़ती है (10)।
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